उर्दू शायरी · ग़ज़ल

karam ke nam pe barbaad kar diya jae

करम के नाम पे बर्बाद कर दिया जाए

کرم کے نام پہ برباد کر دیا جائے

शायर: Parvez Muzaffar4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

करम के नाम पे बर्बाद कर दिया जाए
ख़ुदी को तोड़ के आज़ाद कर दिया जाए

क़दम क़दम पे जहन्नुम बनाते रहते हैं
उन्हें भी वारिस-ए-शद्दाद कर दिया जाए

सुबूत कुछ तो मिले आने वाली नस्लों को
हमें भी शामिल-ए-बुनियाद कर दिया जाए

हमारे घर को ब-सद-शौक़ फूँक दो 'परवेज़'
मगर जवाज़ भी ईजाद कर दिया जाए