उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jise dekha tera joya hai pyare

जिसे देखा तिरा जोया है प्यारे

جسے دیکھا ترا جویا ہے پیارے

शायर: Pandit Daya Shankar Naseem Lakhnawi10 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जिसे देखा तिरा जोया है प्यारे
तुझी को ढूँढने खोया है प्यारे

क़सम है दीदा-ए-गिर्यां की मुझ को
कि दुनिया आलम-ए-रोया है प्यारे

निहाल-ए-आह होगा दाना-ए-अश्क
ऊगेगा वो जो कुछ बोया है प्यारे

तुझे दिल दे के मैं ने आज़माया
वो सीखा जिस ने कुछ खोया है प्यारे

किसी के कान भरने पर न रख ध्यान
हर एक मुँह में ज़बाँ गोया है प्यारे

मैं जागा शब सर-ए-गेसू में वर्ना
जिसे काला डसे सोया है प्यारे

मिरा दिल जल-बुझा शब से यहाँ कूँ
चराग़-ए-मुर्दा पर रोया है प्यारे

नज़ारा कब किया उस चश्म-ए-तर ने
'अबस दामन तिरा धोया है प्यारे

मिला दो लब कहाँ का आब-ए-हैवाँ
ख़िज़र का रास्ता खोया है प्यारे

कफ़न अपने 'नसीम'-ए-कुश्ता का सूंक
हर एक बर्ग-ए-गुल बोया है प्यारे