उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jigar ka KHun pilao to sher hota hai

जिगर का ख़ून पिलाओ तो शे'र होता है

جگر کا خون پلاؤ تو شعر ہوتا ہے

शायर: Lucky farooqi Hasrat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

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जिगर का ख़ून पिलाओ तो शे'र होता है
क़लम के नाज़ उठाओ तो शे'र होता है

सियाह ज़ेहन की शाख़ों से कोई नूरानी
ख़याल तोड़ के लाओ तो शे'र होता है

तसव्वुरात की पलकों से एक 'उम्र तलक
ग़ज़ल के पावँ दबाओ तो शे'र होता है

ख़याल ख़ाक-नशीं हो तो शे'र क्या होगा
हवा में तख़्त बिछाओ तो शे'र होता है

सियाह शब का बदन ओढ़ कर तसव्वुर में
दिए की लौ से नहाओ तो शे'र होता है