उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jhuT ka samman karwaya gaya

झूट का सम्मान करवाया गया

جھوٹ کا سمان کروایا گیا

शायर: Onkar Gulshan6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

झूट का सम्मान करवाया गया
सत्य को सूली पे चढ़वाया गया

मेरी ख़ातिर जाम जो लाया गया
उस में मेरा ही लहू पाया गया

उस का जिस ने बात की अधिकार की
बाग़ियों में नाम लिखवाया गया

जिस के होंटों पर वफ़ा के गीत थे
उस के पहलू में छुरा पाया गया

जिस के मुँह की बात कल क़ानून थी
आज कारागार पहुँचाया गया

इक उदासी सी वहीं पर छा गई
हम ग़रीबों का जहाँ साया गया