उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jaane walon ke liye tu aur kya le jaega

जाने वालों के लिए तू और क्या ले जाएगा

جانے والوں کے لیے تو اور کیا لے جائے گا

शायर: Iftikhar Naseem5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जाने वालों के लिए तू और क्या ले जाएगा
देख ले दुनिया जहाँ तक रास्ता ले जाएगा

ख़्वाहिश-ए-गुफ़्तार रह जाएगी फिर ज़ेर-ए-ज़बाँ
इज़्न तो दे देगा लेकिन हौसला ले जाएगा

गूँज बन कर लौट जाएगी मिरी फ़रियाद भी
शब का सन्नाटा कहाँ मेरी सदा ले जाएगा

दिल से मिट जाएगा इक दिन देखने मिलने का शौक़
जितने मंज़र हैं वो आँखों में सजा ले जाएगा

लुत्फ़ फिर आएगा क्या सय्याही-ए-दिल में 'नसीम'
इस खंडर से जो मिलेगा वो उठा ले जाएगा