उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is mohabbat ne baDa KHwar kiya hai hum ko

इस मोहब्बत ने बड़ा ख़्वार किया है हम को

اس محبت نے بڑا خوار کیا ہے ہم کو

शायर: Faheem Zia5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस मोहब्बत ने बड़ा ख़्वार किया है हम को
बे-कराँ दर्द से दो-चार किया है हम को

कू-ए-जानाँ में खुले राज़-ए-निहान-ए-हस्ती
'इश्क़ ने साहिब-ए-असरार किया है हम को

'उम्र-भर लगता नहीं हम को रिहाई देगा
जिस तरह उस ने गिरफ़्तार किया है हम को

दुनिया-दारों ने बनाया है हमें दुनिया-दार
कार-ए-बेकार ने बे-कार किया है हम को

ज़िंदगी तेरा न एहसान कभी भूलेंगे
तू ने 'ग़ालिब' का तरफ़-दार किया है हम को