उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ilaj-e-dard-o-gham-e-zindagi kahan se laen

इलाज-ए-दर्द-ओ-ग़म-ए-ज़िंदगी कहाँ से लाएँ

علاج درد و غم زندگی کہاں سے لائیں

शायर: Taj Bhopali4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इलाज-ए-दर्द-ओ-ग़म-ए-ज़िंदगी कहाँ से लाएँ
कहो जो सब्र करें सब्र भी कहाँ से लाएँ

ये मेहर-ओ-माह तो इस अंजुमन की ज़ीनत हैं
हम अपने घर के लिए रौशनी कहाँ से लाएँ

ये सर्द सर्द सितारे धुआँ धुआँ महताब
जो दिल को फूँक दे वो चाँदनी कहाँ से लाएँ

हमारे शे'रों ने तोड़े तो हैं हज़ार तिलिस्म
तिरी निगाह की जादू-गरी कहाँ से लाएँ