उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil ko koi aazar to hota

दिल को कोई आज़ार तो होता

دل کو کوئی آزار تو ہوتا

शायर: Taj Bhopali5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल को कोई आज़ार तो होता
अपना कोई ग़म-ख़्वार तो होता

सहरा भी कर लेते गवारा
ज़िक्र-ए-दर-ओ-दीवार तो होता

साया-ए-ज़ुल्फ़-ए-यार नहीं था
साया-ए-याद-ए-यार तो होता

आँखों से कुछ ख़ून ही बहता
वो दामन गुल-कार तो होता

लाख तुलू-ए-मेहर थे लेकिन
कोई शब-बेदार तो होता