उर्दू शायरी · ग़ज़ल

husn-o-wafa ke zikr mein sarkar aap hain

हुस्न-ओ-वफ़ा के ज़िक्र में सरकार आप हैं

حسن و وفا کے ذکر میں سرکار آپ ہیں

शायर: Umar Khaleeq Azmi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हुस्न-ओ-वफ़ा के ज़िक्र में सरकार आप हैं
सब कुछ मिला मुझे वले दरकार आप हैं

इंकार-ए-जा-बजा से मुदल्लल हुई ये बात
मेरी मोहब्बतों में गिरफ़्तार आप हैं

मैं ने हज़ार ऐब की पुर्सिश में ये कहा
इस आशिक़-ए-ख़राब के मे'मार आप हैं

सब तोहमतों के बा'द अदालत में वक़्त-ए-हिज्र
हम कह के रो पड़े कि वफ़ादार आप हैं

जिन की रफ़ाक़तों में है गुज़री तमाम उम्र
वो ये समझ रहे हैं कि अग़्यार आप हैं