उर्दू शायरी · ग़ज़ल

chashm-e-nam KHam hai yar mat puchho

चश्म-ए-नम ख़म है यार मत पूछो

چشم نم خم ہے یار مت پوچھو

शायर: Umar Khaleeq Azmi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

चश्म-ए-नम ख़म है यार मत पूछो
ज़िंदगी ग़म है यार मत पूछो

ग़म से लबरेज़ उस की आँखों में
किस क़दर दम है यार मत पूछो

इस में हैं कुछ बुराइयाँ लेकिन
मेरा हमदम है यार मत पूछो

माँ के एहसान के एवज़ जानाँ
मौत भी कम है यार मत पूछो

तुम को बर्बाद कर के छोड़ेगी
आशिक़ी बम है यार मत पूछो