उर्दू शायरी · ग़ज़ल

himmat kar ke par utarna dil chhoTa mat karna

हिम्मत कर के पार उतरना दिल छोटा मत करना

ہمت کر کے پار اترنا دل چھوٹا مت کرنا

शायर: Qamar Malal5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हिम्मत कर के पार उतरना दिल छोटा मत करना
दरिया का है काम बिफरना दिल छोटा मत करना

दिल को दर्द-ए-हिज्र ने घेरा तर्क-ए-वफ़ा पर लेकिन
कुछ हफ़्तों का है ये धरना दिल छोटा मत करना

रोना लेकिन आस न दिल की रो लेने से टूटे
आँखों को अश्कों से भरना दिल छोटा मत करना

दिल से निकले जब कोई तो घर भी कहाँ आता है
आँगन छोटा बे-शक करना दिल छोटा मत करना

उस के मरने से थोड़ी ना क़द्र-ए-हुस्न घटेगी
बा'द 'मलाल' के और सँवरना दिल छोटा मत करना