उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hawa ki chaal chal jaega tu bhi

हवा की चाल चल जाएगा तू भी

ہوا کی چال چل جائے گا تو بھی

शायर: Yaqoob Parwaz5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हवा की चाल चल जाएगा तू भी
ख़बर क्या थी बदल जाएगा तू भी

कहाँ ठहरी है ख़्वाहिश कोई दिल में
मिरे दिल से निकल जाएगा तू भी

मुख़ातब हूँ जमाल-ए-यार तुझ से
मिसाल-ए-माह ढल जाएगा तू भी

बस अपने तजरबे की रौशनी में
मैं समझा था सँभल जाएगा तू भी

हँसे तू लाख मेरी तिफ़लगी पर
खिलौनों से बहल जाएगा तू भी