उर्दू शायरी · ग़ज़ल

humne to us se bhi nibha li hai

हम ने तो उस से भी निभा ली है

ہم نے تو اس سے بھی نبھا لی ہے

शायर: Chand Kakralvi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हम ने तो उस से भी निभा ली है
दिल मोहब्बत से जिस का ख़ाली है

अब तो आ जा ऐ धूप खिड़की पर
बर्फ़ आँखों में जमने वाली है

छाँव भी अब सुकूँ नहीं देती
जिस्म ने इतनी धूप खा ली है

कुछ बनाने की फिर ज़रूरत क्या
उस की तस्वीर जब बना ली है

ख़त्म झगड़ा नहीं हुआ घर का
जब कि दीवार भी उठा ली है

जिस पे चाहत के फूल खिलते थे
तुम ने वो शाख़ काट डाली है