उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hum ko hua tha ishq jawani mein muKHtasar

हम को हुआ था 'इश्क़ जवानी में मुख़्तसर

ہم کو ہوا تھا عشق جوانی میں مختصر

शायर: Aarif Nazeer7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हम को हुआ था 'इश्क़ जवानी में मुख़्तसर
किरदार था हमारा कहानी में मुख़्तसर

मत पूछ रात कितनी अज़िय्यत-गुज़ार थी
मिलना था उस से शाम-सुहानी में मुख़्तसर

तफ़सीली गुफ़्तुगू का था मौज़ू' पर वो शख़्स
जो कह गया है बात रवानी में मुख़्तसर

सूरज-मुखी का फूल था नाराज़ शाम तक
मैं खो गया था रात की रानी में मुख़्तसर

बहरूप दोस्तों का 'अयाँ हम पे हो गया
देखा निशाना हम ने निशानी में मुख़्तसर

आ'माल-ए-नेक-ओ-बद की हमें क्या ख़बर मियाँ
हम रह रहे हैं कूचा-ए-फ़ानी में मुख़्तसर

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'आरिफ़-नज़ीर' मिसरा'-ए-सानी में मुख़्तसर