उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hain bahut se aashiq-e-dil-gir jama

हैं बहुत से आशिक़-ए-दिल-गीर जम्अ'

ہیں بہت سے عاشق دلگیر جمع

शायर: Dagh Dehlvi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हैं बहुत से आशिक़-ए-दिल-गीर जम्अ'
तेरे तरकश में हैं कितने तीर जम्अ'

अच्छी सूरत से हमें भी इश्क़ है
करते हैं तस्वीर पर तस्वीर जम्अ'

कूचा-ए-क़ातिल में आफ़त आ गई
जब हुए दो चार भी रहगीर जम्अ'

या लगा दो आग या लिख दो जवाब
हो गया है दफ़्तर-ए-तहरीर जम्अ'

थोड़ी थोड़ी ही मिले उस दर की ख़ाक
चुटकी चुटकी हम करें इक्सीर जम्अ'

ख़ून-ए-दिल का चश्म-ए-तर ठेका न ले
इस से होने की नहीं तौफ़ीर जम्अ'

किस तरह यकजा हों 'दाग़' अपने अज़ीज़
होने देती ही नहीं तक़दीर जम्अ'