उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hai aarzu ki jalwa-e-jaanana dekhiye

है आरज़ू कि जल्वा-ए-जानाना देखिए

ہے آرزو کہ جلوۂ جانانہ دیکھیے

शायर: Jaleel Qidwai9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

है आरज़ू कि जल्वा-ए-जानाना देखिए
रौशन जबीन-ए-यार से काशाना देखिए

छुट जाए जाम-ए-ज़ब्त न फिर हाथ से कहीं
मस्त-ए-शराब-ए-शौक़ है दीवाना देखिए

मंज़िल का होश कुछ है न है राह की ख़बर
ले जाए किस तरफ़ दिल-ए-दीवाना देखिए

किस के जमाल से चमक उठ्ठे हैं बाम-ओ-दर
किस से हुई है रौनक़-ए-काशाना देखिए

रंगीन जोश-ए-गुल से है फिर दामन-ए-बहार
फिर कह रहा है कुछ दिल-ए-दीवाना देखिए

लाया तो है निकाल के उस बज़्म से मुझे
ले जाए अब कहाँ दिल-ए-दीवाना देखिए

ले कर निगाह-ए-शौक़ में उस की ज़िया-ए-हुस्न
हर हर क़दम पे जल्वा-ए-जानाना देखिए

ज़र्रों को इक नज़र में गुलिस्ताँ बनाइए
मिल जाए फूल ख़ाक में ऐसा न देखिए

निकले न शान-ए-हुस्न में इक आह भी 'जलील'
ख़ामोश मिस्ल-ए-नर्गिस-ए-मस्ताना देखिए