उर्दू शायरी · ग़ज़ल

gham us par aashkar kiya humne kya kiya

ग़म उस पर आश्कार किया हम ने क्या किया

غم اس پر آشکار کیا ہم نے کیا کیا

शायर: Dagh Dehlvi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ग़म उस पर आश्कार किया हम ने क्या किया
ग़ाफ़िल को होश्यार किया हम ने क्या किया

हाँ हाँ तड़प-तड़प के गुज़ारी तुम्हीं ने रात
तुम ने ही इंतिज़ार किया हम ने क्या किया

इतरा रहा है नक़्द-ए-मोहब्बत पे दिल बहुत
अच्छे को माल-दार किया हम ने क्या किया

कहते हैं वो शिकायत-ए-बेदाद-ओ-जौर पर
तुझ को ख़ुदा ने ख़्वार किया हम ने क्या किया

नासेह भी है रक़ीब ये मा'लूम ही न था
किस को सलाह-कार किया हम ने क्या किया

रुस्वा किया जो दिल ने तो अब कह रहे हैं 'दाग़'
दुश्मन को राज़दार किया हम ने क्या किया