उर्दू शायरी · ग़ज़ल

gae jo kuche mein uske to itna pyar mila

गए जो कूचे में उस के तो इतना प्यार मिला

گئے جو کوچے میں اس کے تو اتنا پیار ملا

शायर: Daood Kaashmiri5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

गए जो कूचे में उस के तो इतना प्यार मिला
मगर ये क्या कि हर इक शख़्स बे-क़रार मिला

भुलाना चाहा था उस को मगर भुला न सके
वो एक शख़्स जो रस्ते में बार बार मिला

हक़ीक़तों को फ़सानों में जब से उलझाया
फ़रेब-ओ-मक्र-ओ-सियासत को ए'तिबार मिला

किसी ने कर दिया बर्बाद इस का ग़म भी नहीं
इसी बहाने ज़माने को राज़दार मिला

उन्हें तो वार के मौक़े हज़ार बार मिले
हमें दिफ़ा का मौक़ा न एक बार मिला