उर्दू शायरी · ग़ज़ल

agar jahan mein KHuda ke siwa kuchh aur nahin

अगर जहाँ में ख़ुदा के सिवा कुछ और नहीं

اگر جہاں میں خدا کے سوا کچھ اور نہیں

शायर: Daood Kaashmiri5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अगर जहाँ में ख़ुदा के सिवा कुछ और नहीं
तो फिर नसीब दुआ के सिवा कुछ और नहीं

हमारे पास हमारा ज़मीर है लोगो
तुम्हारे पास अना के सिवा कुछ और नहीं

कभी वफ़ा थी मोहब्बत में और ख़ुलूस भी था
हयात आज जफ़ा के सिवा कुछ और नहीं

वो ख़ुद ही कहते हैं और ख़ुद ही सुनते रहते हैं
कि उन के पास सदा के सिवा कुछ और नहीं

वो ज़ेब-तन किए कमख़ाब-ओ-रेशम-ओ-अतलस
हमें नसीब रिदा के सिवा कुछ और नहीं