उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ek tufan hai gham-e-ishq mein rona kya hai

एक तूफ़ाँ है ग़म-ए-इश्क़ में रोना क्या है

ایک طوفاں ہے غم عشق میں رونا کیا ہے

शायर: Dagh Dehlvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

एक तूफ़ाँ है ग़म-ए-इश्क़ में रोना क्या है
नहीं मा'लूम कि अंजाम को होना क्या है

देख कर साँवली सूरत तिरी यूसुफ़ भी कहे
चटपटा हुस्न नमक-दार सलोना क्या है

चार बातें भी कभी आप ने घुल-मिल के न कीं
उन्हीं बातों का है रोना मुझे रोना क्या है

काश मिल जाए तिरा साया-ए-दीवार हमें
ओढ़ना क्या है फ़क़ीरों का बिछोना क्या है

उस की ठोकर से भी कम-बख़्त न जागा अफ़्सोस
मौत है 'दाग़'-ए-सियह-मस्त का सोना क्या है