उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ek dil be-qarar aur duniya

एक दिल बे-क़रार और दुनिया

ایک دل بے قرار اور دنیا

शायर: Chandrabhan Khayal7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

एक दिल बे-क़रार और दुनिया
हर नफ़स शो'ला-बार और दुनिया

ज़िंदगी की यही हक़ीक़त है
आरज़ू इंतिज़ार और दुनिया

कर रहे हैं ज़मीं को बेचारा
आग गर्द-ओ-ग़ुबार और दुनिया

कैसे पाएँ सुकून-ए-क़ल्ब-ओ-नज़र
रंज-ओ-ग़म बे-शुमार और दुनिया

किस तरह वस्ल-ए-यार हो मुमकिन
ख़्वाहिशों का हिसार और दुनिया

कौन सुलझाए ज़ीस्त की उलझन
एक मैं बादा-ख़्वार और दुनिया

छोड़ ख़ुद पर 'ख़याल' इतराना
चंद लम्हे उधार और दुनिया