उर्दू शायरी · ग़ज़ल

duniya ke imtihan mein kya kya sila mila

दुनिया के इम्तिहान में क्या क्या सिला मिला

دنیا کے امتحان میں کیا کیا صلہ ملا

शायर: Faisal Imtiyaz Khan4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दुनिया के इम्तिहान में क्या क्या सिला मिला
लम्हा-ब-लम्हा एक नया हादिसा मिला

ख़ुद-बीन-ओ-ख़ुद-शनास है वो इस लिए मुझे
वो शख़्स जब कभी मिला ग़म-आश्ना मिला

मैं क्या बताऊँ कितने त'अज्जुब की बात थी
जब बेवफ़ा मैं मुझ को निशान-ए-वफ़ा मिला

'फ़ैसल' फ़रेबी यारों की होने लगी है ज़िद
दिल के क़रीब जो भी था वो ख़ुद-नुमा मिला