उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil ki kashti tere hawale

दिल की कश्ती तेरे हवाले

دل کی کشتی تیرے حوالے

शायर: JaiKrishn Chaudhry Habeeb9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल की कश्ती तेरे हवाले
तेरे सिवा अब कौन सँभाले

प्यार में पड़ गए जान के लाले
आँख में आँसू पाँव में छाले

कौन है तेरे दुख का साथी
अपनी दुनिया आप बसा ले

ख़ूँ होती है जिस की तमन्ना
ऐसे भी हैं जीने वाले

दुनियाँ जन्नत दुनियाँ दोज़ख़
जैसे चाहे वैसा बना ले

रात और दिन में क्या क्या देखा
दिल में अँधेरे दिल में उजाले

इस दुनिया का हासिल ये है
प्यार किसी का दिल में बसा ले

प्यार का ये दस्तूर नहीं है
चुपके चुपके रोने वाले

ख़ुद ही अपने पोंछ ले आँसू
कौन 'हबीब' है आने वाले