उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dekho ye us ka dekhna dekhe se aaega

देखो ये उस का देखना देखे से आएगा

دیکھو یہ اس کا دیکھنا دیکھے سے آئے گا

शायर: Aamir Azher5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

देखो ये उस का देखना देखे से आएगा
और फिर जो देख लोगे तो देखा न जाएगा

ये ऐसी मंज़िलें हैं कि रस्ता नहीं कोई
सामान बाँध लोगे तो रस्ता बुलाएगा

बे-दस्त-ओ-पा था शब मैं तिरी याद के सबब
इतना कि लग रहा था कि तू छूट जाएगा

खो ही गई ज़बान ख़मोशी के दरमियान
सहरा में कोई शोर भी कब तक मचाएगा

'आमिर' तुझे पता ही नहीं असलियत है क्या
लेकिन ये ख़्वाब में भी सफ़र कट ही जाएगा