उर्दू शायरी · ग़ज़ल

chalo itni to aasani rahegi

चलो इतनी तो आसानी रहेगी

چلو اتنی تو آسانی رہے گی

शायर: Zafar Iqbal9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

चलो इतनी तो आसानी रहेगी
मिलेंगे और परेशानी रहेगी

इसी से रौनक़-ए-दरिया-ए-दिल है
यही इक लहर तूफ़ानी रहेगी

कभी ये शौक़ ना-मानूस होगा
कभी वो शक्ल अनजानी रहेगी

निकल जाएगी सूरत आइने से
हमारे घर में हैरानी रहेगी

सुबुक-सर हो के जीना है कोई दिन
अभी कुछ दिन गिराँ-जानी रहेगी

सुनोगे लफ़्ज़ में भी फड़फड़ाहट
लहू में भी पर-अफ़्शानी रहेगी

हमारी गर्म-गुफ़्तारी के बा-वस्फ़
हवा इतनी ही बर्फ़ानी रहेगी

अभी दिल की सियाही ज़ोर पर है
अभी चेहरे पे ताबानी रहेगी

'ज़फ़र' मैं शहर में आ तो गया हूँ
मिरी ख़सलत बयाबानी रहेगी