उर्दू शायरी · ग़ज़ल

chaar din the zindagi ke jo tumhaare sang the

चार दिन थे ज़िंदगी के जो तुम्हारे संग थे

چار دن تھے زندگی کے جو تمہارے سنگ تھے

शायर: Ehsan Khan Masood5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

चार दिन थे ज़िंदगी के जो तुम्हारे संग थे
दो में तुम मौजूद थे दो में तुम्हारे रंग थे

आश्नाई यूँ तो हर इक फूल से उस की रही
और हम ख़ुद से तिरी बे-गानगी पर दंग थे

उन अँधेरों की शिकायत हम से क्यूँ करते हो तुम
चाँद चेहरे जो भी थे वो तो तुम्हारे संग थे

कुछ समझ आता नहीं किस से उसे तश्बीह दूँ
फूल तितली रौशनी पानी से उस के अंग थे

जिस धनक को देख कर ख़ुश हो रहा था ये नगर
उस धनक के रंग में सारे हमारे रंग थे