उर्दू शायरी · ग़ज़ल

barson aankhon mein rahe aankhon se phir kar dil mein aae

बरसों आँखों में रहे आँखों से फिर कर दिल में आए

برسوں آنکھوں میں رہے آنکھوں سے پھر کر دل میں آئے (ردیف .. پ)

शायर: Dagh Dehlvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बरसों आँखों में रहे आँखों से फिर कर दिल में आए
राह सीधी थी मगर पहुँचे बड़े चक्कर से आप

कट गए लाखों गले इस तेज़ि-ए-रफ़्तार से
अब तो चल निकले ज़ियादा अपने भी ख़ंजर से आप

अपने सीने से दबा दीजे ज़रा सीना मिरा
चूर कीजे शीशा-ए-दिल को इसी पत्थर से आप

हज़रत-ए-ज़ाहिद निकल आया फ़लक पर आफ़्ताब
पीर-ओ-मुर्शिद अब तो उठिए मय-कदे के दर से आप

क्यों जनाब-ए-'दाग़' याद-अल्लाह मेरी याद है
भेस बदले रात को आते थे किस के घर से आप