उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bahut rangin dilkash hai majazi pyar ki duniya

बहुत रंगीन दिलकश है मजाज़ी प्यार की दुनिया

بہت رنگین دل کش ہے مجازی پیار کی دنیا

शायर: Saabir Usmani6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बहुत रंगीन दिलकश है मजाज़ी प्यार की दुनिया
उभरने ही नहीं देती लब-ओ-रुख़्सार की दुनिया

ज़माना से जुदा कर दे हक़ीक़त को फ़ना कर दे
फ़क़त ख़्वाबों में ले जाए हसीं दिलदार की दुनिया

यहाँ झूटों का मेला है जो बोले सच अकेला है
यक़ीं गर है नहीं देखो ज़रा अख़बार की दुनिया

ग़रीबों को सताती है अमीरों को बनाती है
लड़ा कर सिर्फ़ इंसाँ को चले सरकार की दुनिया

तलब सूरज की मत करना न दामन आग से भरना
चराग़ों से मुनव्वर तुम करो घर-बार की दुनिया

ज़रूरत ढूँढ लेती है कि रस्ता मिल ही जाता है
करे आदम अगर कोशिश खुले असरार की दुनिया