उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bad-dua teri mere haq mein dua ho jaana

बद-दु'आ तेरी मिरे हक़ में दु'आ हो जाना

بد دعا تیری مرے حق میں دعا ہو جانا

शायर: Jagdeesh Jain6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बद-दु'आ तेरी मिरे हक़ में दु'आ हो जाना
है करामत तुझे एहसास-ए-वफ़ा हो जाना

है यक़ीनन मिरी फ़रियाद-ओ-फ़ुग़ाँ की तासीर
‘अंदलीबों का यहाँ शो'ला-नवा हो जाना

रखे जिस हाल में तू शुक्र-ए-ख़ुदा कर बंदे
है मुनासिब तुझे राज़ी-ब-रज़ा हो जाना

मेरे नज़दीक नहीं बढ़ के 'इबादत इस से
फ़र्ज़ इंसाँ पे जो लाज़िम है अदा हो जाना

हुस्न-ए-अख़्लाक़ से इंसान का होना 'आरी
जैसे इक फूल से ख़ुशबू का जुदा हो जाना

शिद्दत-ए-ग़म से हुआ हम पे ये वाज़ेह 'जगदीश'
दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना