उर्दू शायरी · ग़ज़ल

apni rudad yun bayan ho jae

अपनी रूदाद यूँ बयाँ हो जाए

اپنی روداد یوں بیاں ہو جائے

शायर: Nadeem Fazli6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अपनी रूदाद यूँ बयाँ हो जाए
इक पतिंगा जले धुआँ हो जाए

ख़ाक मिल जाए ख़ाक में मेरी
या सितारों में ज़ौ-फ़िशाँ हो जाए

उस की सूरत पे तब्सिरा कैसा
आइना जिस से बद-गुमाँ हो जाए

ये जहाँ ख़्वाब है मगर ऐसा
आँख मूँदें तो राएगाँ हो जाए

अपनी रुस्वाइयाँ मुझे मंज़ूर
तू अगर मेरा राज़-दाँ हो जाए

मेरी बे-ताबियाँ बयान हुईं
अब तिरे ज़ब्त का बयाँ हो जाए