उर्दू शायरी · ग़ज़ल

apni hasti KHud ham-aghosh-e-fana ho jaegi

अपनी हस्ती ख़ुद हम-आग़ोश-ए-फ़ना हो जाएगी

اپنی ہستی خود ہم آغوش فنا ہو جائے گی

शायर: Yagana Changezi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अपनी हस्ती ख़ुद हम-आग़ोश-ए-फ़ना हो जाएगी
मौज-ए-दरिया आब-ए-साहिल आश्ना हो जाएगी

तह का अंदेशा रहेगा फिर न साहिल की हवस
दिल से जब क़त-ए-उमीद-ए-बेवफ़ा हो जाएगी

शब की शब बज़्म-ए-तरब है पर्दादार-इन्क़िलाब
सुब्ह तक आईना-ए-इबरत-नुमा हो जाएगी

जान-ए-ईमाँ है अभी वो आँख शर्माई हुई
कैफ़ियत में डूब कर क्या जाने क्या हो जाएगी