उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ab use jo KHayal hai mera

अब उसे जो ख़याल है मेरा

اب اسے جو خیال ہے میرا

शायर: Tabrez Hasan Raazii9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अब उसे जो ख़याल है मेरा
क्यों है अब ये सवाल है मेरा

जब थे तो क़द्र कि नहीं मेरी
अब उसे क्यूँ मलाल है मेरा

लोग मुझ को भुला नहीं पाते
इतना ही बस कमाल है मेरा

जीना तेरे बग़ैर मुश्किल है
देख आ अब जो हाल है मेरा

देख तकलीफ़ मेरी बातों में
जीना सच में मुहाल है मेरा

ख़ुश हूँ ग़म में हूँ कुछ ख़बर ही नहीं
क्या पता क्या ये हाल है मेरा

ज़िंदगी इक 'अज़ाब है मेरी
साँस लेना कमाल है मेरा

जा रहे सब जो छोड़ कर मुझ को
हिज्र-ओ-ग़म का ये साल है मेरा

हूँ अभी जो बुलंदी पे 'राज़ी'
उस के आगे ज़वाल है मेरा