उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ab meri shan hone wala hai

अब मिरी शान होने वाला है

اب مری شان ہونے والا ہے

शायर: Jaani Lakhnavi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अब मिरी शान होने वाला है
ज़ख़्म पहचान होने वाला है

रूह परवाज़ करने वाली है
जिस्म हलकान होने वाला है

इस तमाशा-ए-ज़िंदगी के बा'द
घर भी वीरान होने वाला है

कोई रहता नहीं सदा 'जानी'
ग़म भी मेहमान होने वाला है