उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aazmaya hai mudam aapko bas bas aji bas

आज़माया है मुदाम आप को बस बस अजी बस

آزمایا ہے مدام آپ کو بس بس اجی بس

शायर: Dagh Dehlvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आज़माया है मुदाम आप को बस बस अजी बस
दोनों हाथों से सलाम आप को बस बस अजी बस

आप की बंदा-नवाज़ी है जहाँ में मशहूर
जानता है ये ग़ुलाम आप को बस बस अजी बस

मुँह न खुलवाइए मेरा यूँही रहने दीजे
याद भी है वो कलाम आप को बस बस अजी बस

हम ने कल देख लिया देख लिया देख लिया
कहीं जाते सर-ए-शाम आप को बस बस अजी बस

पीजिए ख़ून-ए-जिगर अपना जनाब-ए-ज़ाहिद
बादा-ओ-साग़र-ओ-जाम आप को बस बस अजी बस