नात लिरिक्स

Zulfein Teri Wallail Hain Rukhsar Ka Kya Poochhna

ज़ुल्फ़ें तेरी वल्लैल हैं रुख़्सार का क्या पूछना

नात ख़्वान: अख़्तर काशिफ़शायर: अख़्तर काशिफ़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ज़ुल्फ़ें तेरी वल्लैल हैं, रुख़्सार का क्या पूछनाहसनैन के नाना ! तेरे दीदार का क्या पूछना

छू कर तुझे ऐसा लगा, 'इस्याँ बदन के झड़ गएऐ ख़ाना-ए-का'बा ! तेरी दीवार का क्या पूछना

रुख़ दिन है या उन की महक, सरवर कहूँ, फिर के गलीऐ आ'ला हज़रत ! आप के अश'आर का क्या पूछना

तू क़ासिम-ए-ने'मत भी है और मालिक-ए-जन्नत भी हैसूरत तेरी बे-मिस्ल है, किरदार का क्या पूछना

हर आदमी मसरूर है, हर इक गली पुर-नूर हैकाशिफ़ ! नबी के शहर में अनवार का क्या पूछना

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