नात लिरिक्स

Muskurane Lagi Har Taraf Raushani

मुस्कुराने लगी हर तरफ़ रौशनी

नात ख़्वान: अख़्तर काशिफ़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुस्कुराने लगी हर तरफ़ रौशनीज़ुल्मतों पे यक़ीनन ज़वाल आ गयाये ज़मीं हो गई रश्क-ए-ख़ुल्द-ए-बरींजिस घड़ी आमिना बी का लाल आ गया

ये हक़ीक़त है काले थे वो रंग केनिस्बत-ए-मुस्तफ़ा की 'अता देखिएहुस्न वाले खड़े देखते रह गएहश्र में जब नबी का बिलाल आ गया

प्यार क्या चीज़ है, प्यार होता है क्याजान लोगे, पढ़ो सीरत-ए-मुस्तफ़ारात भर ग़म में रोते रहे मुस्तफ़ाजिस घड़ी उम्मती का ख़याल आ गया

मुस्तफ़ा के नवासे का क्या पूछनाजिस ने कर्बल में सब कुछ निछावर कियानन्हे असग़र ने भी जान क़ुर्बान कीदीन-ए-इस्लाम का जब सवाल आ गया

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