नात लिरिक्स

Sar Jhukae Hain Farishte Haziri Kya Cheez Hai

सर झुकाए हैं फ़रिश्ते हाज़िरी क्या चीज़ है

नात ख़्वान: अख़्तर काशिफ़शायर: अख़्तर काशिफ़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सर झुकाए हैं फ़रिश्ते, हाज़िरी क्या चीज़ हैअल्लाह अल्लाह उन के दर की नौकरी क्या चीज़ है

बुलबुल-ए-सिदरा भी उन की ज़ात से वाक़िफ़ नहींदो टके का देवबंदी मौलवी क्या चीज़ है

मौत जब आना तो आना रौज़ा-ए-सरकार परफिर बताऊँगा तुझे मैं ज़िंदगी क्या चीज़ है

आ'ला हज़रत से मिला है ना'त-गोई का मिज़ाजआप ने समझा दिया कि शा'इरी क्या चीज़ है

यार-ए-ग़ार-ए-मुस्तफ़ा से पूछना, काशिफ़ ! कभी'इश्क़ कहते हैं किसे और 'आशिक़ी क्या चीज़ है

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