नात लिरिक्स

Zeenat-e-Mashriqain Likh Dena | Aansuon Se Hussain Likh Dena

ज़ीनत-ए-मशरिक़ैन लिख देना | आँसुओं से हुसैन लिख देना

नात ख़्वान: नूर अली नूर कानपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ज़ीनत-ए-मशरिक़ैन लिख देनाक़ल्ब-ए-ज़हरा का चैन लिख देनाजब कभी कर्बला की याद आएआँसुओं से हुसैन लिख देना

फ़ातिमा बी के चैन आए हैंहाँ, शह-ए-मशरिक़ैन आए हैंऐसा लगता है आज महफ़िल मेंमेरे मौला हुसैन आए हैं

मुस्कुराना सिखा गए हैं हुसैनसर उठाना सिखा गए हैं हुसैनसर झुकाना नहीं ज़माने मेंसर कटाना सिखा गए हैं हुसैन

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