नात लिरिक्स

Zameen-e-Karbala Tujh Par Ali Ka Laal Aaya Hai

ज़मीन-ए-कर्बला तुझ पर अली का लाल आया है

नात ख़्वान: नूर अली नूर कानपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ज़मीन-ए-कर्बला तुझ पर 'अली का लाल आया हैदिखाने हैदरी तेवर 'अली का लाल आया है

अगर तुम बे-नमाज़ी हो, हुसैनी हो नहीं सकतेयही सज्दे में बतला कर 'अली का लाल आया है

चले जब ज़ुलफ़िक़ार-ए-हैदरी मैदान में ले करयज़ीदी भाग उठे कह कर 'अली का लाल आया है

नबी के दीन की ख़ातिर मदीने से सफ़र कर केलुटाने घर कटाने सर 'अली का लाल आया है

क़दम उन के पड़े तो यूँ लगा हैदर उतर आएज़मीं भी काँप उठी थर थर, 'अली का लाल आया है

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