नात लिरिक्स

Isa Musa Ka Ho Arman Rasool-e-Arabi | Qibla-o-Kaba-e-Iman Rasool-e-Arabi With Tazmeen

ईसा मूसा का हो अरमान रसूल-ए-अरबी | क़िब्ला-ओ-काबा-ए-ईमान रसूल-ए-अरबी तज़मीन के साथ

नात ख़्वान: नूर अली नूर कानपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ईसा मूसा का हो अरमान, रसूल-ए-'अरबी !नूह में, शीस में ज़ीशान, रसूल-ए-'अरबी !सारे नबियों के हो सुल्तान, रसूल-ए-'अरबी !क़िब्ला-ओ-का'बा-ए-ईमान, रसूल-ए-'अरबी !दो जहाँ आप पे क़ुर्बान, रसूल-ए-'अरबी !

अंबिया जितने भी हैं मुझ को सभी प्यारे हैंअज़मतों वाले निगाहों में मेरी सारे हैंइस तरह जैसे कि क़ुरआँ के सभी पारे हैंचाँद हो तुम तो रसूलान-ए-सलफ़ तारे हैंसब नबी दिल हैं तो तुम जान, रसूल-ए-'अरबी !

गर्दिशें घेरे हैं, सरकार ! बचा लो मुझ कोमैं गुनहगार सही फिर भी निभा लो मुझ कोसब ने टाला है मगर आप न टालो मुझ कोसदक़े हसनैन के रौज़े पे बुला लो मुझ कोहिन्द में हूँ मैं परेशान, रसूल-ए-'अरबी !

ग़ौस-ओ-ख़्वाजा के घराने का वो पकड़े हो 'अलमसाथ हों हज़रत-ए-शब्बीर, 'अली, शाह-ए-उममनूर 'अली ! कितना मज़ा आएगा फिर रब की क़सममज्मा'-ए-हश्र में इस शान से आए बेदमहाथ में हो तेरा दामान, रसूल-ए-'अरबी !

कलाम:बेदम शाह वारसी

तज़मीन:नूर अली नूर कानपुरी

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