नात लिरिक्स

Awwal Hain Wahi Aakhir Hain Wahi | Sarkar Ke Jaisa Koi Nahin

अव्वल हैं वही आख़िर हैं वही | सरकार के जैसा कोई नहीं

नात ख़्वान: नूर अली नूर कानपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अव्वल हैं वही, आख़िर हैं वही, सरकार के जैसा कोई नहींईसा, मूसा कहते हैं सभी, सरकार के जैसा कोई नहीं

ज़ुल्फ़ों को कहे वल्लैल ख़ुदा और आँखों को मा-ज़ाग़ कहालिक्खा है कलाम-ए-पाक में भी, सरकार के जैसा कोई नहीं

सदक़े हैं नबी के शम्स-ओ-क़मर, देते हैं सलामी शजर-ओ-हजरमर्ज़ी सब पर आक़ा की चली, सरकार के जैसा कोई नहीं

दिल से न गया आक़ा का ख़याल, थे चूर बहुत ज़ख़्मों से बिलालफिर भी लब पर था उन के यही, सरकार के जैसा कोई नहीं

बच्चों को दूध पिला आई, वा'दे को अपने निभा आईहिरनी लौटी और कहने लगी, सरकार के जैसा कोई नहीं

सिद्दीक़ को अपना यार किया, 'उस्मान-ए-ग़नी से प्यार कियाकहते हैं यही फ़ारूक़-ओ-'अली, सरकार के जैसा कोई नहीं

मारहरा, बरेली वाले हों, वो चाहे मसौली वाले होंफ़रमाते हैं सब पीर-ओ-वली, सरकार के जैसा कोई नहीं

मँझधार में हूँ बिगड़ी है हवा, ये बोले बरेली से मेरे रज़ाअब नय्या लगाओ पार मेरी, सरकार के जैसा कोई नहीं

मीलाद नबी का मनाएँगे, झंडे हम यूँही लगाएँगेतू जल जल कर मर जा, नज्दी ! सरकार के जैसा कोई नहीं

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