नात लिरिक्स

Har Dard Se Chhutkara Dila Dijiye Aaqa

हर दर्द से छुटकारा दिला दीजिए आक़ा

नात ख़्वान: नूर अली नूर कानपुरीशायर: नूर अली नूर कानपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हर दर्द से छुटकारा दिला दीजिए, आक़ा !मुझ को भी मदीने में बुला लीजिए, आक़ा !

वल्लाह, 'उमर क़त्ल की निय्यत से चले थेदेखा तो कहा कलमा पढ़ा दीजिए, आक़ा !

ये कहने लगे रो के नबी से 'अली मौलाडूबे हुए सूरज को फिरा दीजिए, आक़ा !

ये साँप ने रो कर के कहा ग़ार के अंदरमुझ को भी ज़रा चेहरा दिखा दीजिए, आक़ा !

सरकार का दर देखा तो फिर मेरे रज़ा नेये 'अर्ज़ किया पर्दा उठा दीजिए, आक़ा !

जो बुग़्ज़ रखे ताज-ए-शरी'अत से हमारेउस शख़्स को मिट्टी में मिला दीजिए, आक़ा !

बग़दाद के जो कुत्ते हैं शेरों से भी बढ़ करउन कुत्तों का कुत्ता ही बना दीजिए, आक़ा !

बद-कार निकम्मा है अगर नूर 'अली तोतयबा में बुला कर के सज़ा दीजिए, आक़ा !

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