नात लिरिक्स

ज़मीं मुस्कुराई ज़माँ मुस्कुराया | हुज़ूर आ रहे हैं हुज़ूर आ रहे हैं | Zameen Muskurai Zaman Muskuraya | Huzoor Aa Rahe Hain Huzoor Aa Rahe Hain

ज़मीं मुस्कुराई ज़माँ मुस्कुराया | हुज़ूर आ रहे हैं हुज़ूर आ रहे हैं | Zameen Muskurai Zaman Muskuraya | Huzoor Aa Rahe Hain Huzoor Aa Rahe Hain

नात ख़्वान: संदली अहमदशायर: रिज़वान अहमदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ज़मीं मुस्कुराई, ज़माँ मुस्कुरायाहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैंग़रीबों के आक़ा, यतीमों के मावाहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

'इनायात की ख़ूब बरसात होगीख़ुदा-ए-दो-'आलम की बरकात होगीसजा कर के सर पर शफ़ा'अत का सेहराहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

चराग़-ए-मोहब्बत उजाला करेंगेदिलों की गली को सजाया करेंगेसफ़ीना सँभालेंगे हम अब वफ़ा काहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

हो का'बा या ज़मज़म, सफ़ा हो या मरवाहो मक्के की गलियाँ या तयबा का जल्वासभी की ज़ुबाँ पर ख़ुशी का है नग़्माहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

यहाँ भी उजाला, वहाँ भी उजालाकरम का उजाला, वफ़ा का उजालाजहाँ भी नज़र है उसी में उजालाहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

ख़ुशी अब मनाओ, मेरी प्यारी बेटी !ज़रा झूम जाओ, मेरी प्यारी बेटी !कभी दफ़्न होगी नहीं अब तू ज़िंदाहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

तेरी प्यारी क़िस्मत पे क़ुर्बां है रिज़वाँहुआ रब का तुझ पर बड़ा प्यारा एहसाँतेरी गोद में देखो, दाई हलीमा !हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

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