नात लिरिक्स

Gunaahon Se Ham Ko Bacha Mere Maula

गुनाहों से हम को बचा मेरे मौला

नात ख़्वान: संदली अहमदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

गुनाहों से हम को बचा, मेरे मौला !हमें नेक इंसाँ बना, मेरे मौला !

जो तुझ को, जो तेरे नबी को पसंद हैहमें ऐसा बंदा बना, मेरे मौला !

गुनाहों से हम को बचा, मेरे मौला !हमें नेक इंसाँ बना, मेरे मौला !

तुझे तो ख़बर है मैं कितना बुरा हूँतू 'ऐबों को मेरे छुपा, मेरे मौला !

गुनाहों से हम को बचा, मेरे मौला !हमें नेक इंसाँ बना, मेरे मौला !

न मोहताज कर तू जहाँ में किसी कामुझे मुफ़्लिसी से बचा, मेरे मौला !

गुनाहों से हम को बचा, मेरे मौला !हमें नेक इंसाँ बना, मेरे मौला !

जो रहमत तेरी शामिल-ए-हाल हो तोठिकाना है जन्नत मेरा, मेरे मौला !

गुनाहों से हम को बचा, मेरे मौला !हमें नेक इंसाँ बना, मेरे मौला !

मेरी ता-क़यामत जो नस्लें हों, या रब !हों सब 'आशिक़-ए-मुस्तफ़ा, मेरे मौला !

गुनाहों से हम को बचा, मेरे मौला !हमें नेक इंसाँ बना, मेरे मौला !

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