नात लिरिक्स

Elaan Khul Ke Karti Hai Ummat Rasool Ki

एलान खुल के करती है उम्मत रसूल की

नात ख़्वान: संदली अहमदशायर: मुफ़्ती हफ़ीज़ुल्लाह क़ासमीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ए'लान खुल के करती है उम्मत रसूल कीहर दिल में जा-गुज़ीं है मोहब्बत रसूल की

आक़ा से प्यार करना ही मोमिन की शान हैसरशार उन के 'इश्क़ में ये जिस्म-ओ-जान हैसरमाया-ए-हयात है उल्फ़त रसूल कीहर दिल में जा-गुज़ीं है मोहब्बत रसूल की

ए'लान खुल के करती है उम्मत रसूल कीहर दिल में जा-गुज़ीं है मोहब्बत रसूल की

गुलशन में सारी नग़्मा-सराई है आप सेशम्स-ओ-क़मर की जल्वा-नुमाई है आप सेदुनिया-ए-रंग-ओ-बू में है निकहत रसूल कीहर दिल में जा-गुज़ीं है मोहब्बत रसूल की

ए'लान खुल के करती है उम्मत रसूल कीहर दिल में जा-गुज़ीं है मोहब्बत रसूल की

तफ़रीक़-ए-रंग-ओ-नस्ल मिटाई है आप नेजन्नत की शाह-राह दिखाई है आप ने'आलम में 'आम-ओ-ताम है रहमत रसूल कीहर दिल में जा-गुज़ीं है मोहब्बत रसूल की

ए'लान खुल के करती है उम्मत रसूल कीहर दिल में जा-गुज़ीं है मोहब्बत रसूल की

ये ग़ुंचा-ओ-गुलाब, ये बुलबुल ये गुलिस्ताँरहमत-लक़ब नबी का ही सदक़ा है ये जहाँभँवरे भी गुनगुनाते हैं मिदहत रसूल कीहर दिल में जा-गुज़ीं है मोहब्बत रसूल की

ए'लान खुल के करती है उम्मत रसूल कीहर दिल में जा-गुज़ीं है मोहब्बत रसूल की

तू भी तो, ऐ हफ़ीज़ ! उन्हीं का ग़ुलाम हैविर्द-ए-ज़बाँ हमेशा दुरूद-ओ-सलाम हैबा'द-अज़-ख़ुदा है दिल में भी 'अज़मत रसूल कीहर दिल में जा-गुज़ीं है मोहब्बत रसूल की

ए'लान खुल के करती है उम्मत रसूल कीहर दिल में जा-गुज़ीं है मोहब्बत रसूल की

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