नात लिरिक्स

Tu Rab Ka Wali Hai Tu Haidar Ki Shaan Hai | Tu Qutb-e-Jahan Hai Mere Ghaus-e-Azam

तू रब का वली है तू हैदर की शाँ है | तू क़ुत्ब-ए-जहाँ है मेरे ग़ौस-ए-आज़म

नात ख़्वान: संदली अहमदशायर: रिज़वान अहमद महबूबीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तू रब का वली है, तू हैदर की शाँ हैतेरा रुत्बा आ'ला, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !तू क़ुत्ब-ए-जहाँ है, तू सय्यद की ज़ीनततेरा दर्जा बाला, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू रब का वली है, तू हैदर की शाँ हैतेरा रुत्बा आ'ला, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

ब-फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा मुर्दा ज़िंदा किया हैजो बेकस थे उन को सहारा दिया हैकरामत में आ'ला, फ़ज़ीलत में आ'ला'इनायत में आ'ला, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू रब का वली है, तू हैदर की शाँ हैतेरा रुत्बा आ'ला, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

क़लंदर हो अब्दाल या औलिया होज़माने का कोई बड़ा रहनुमा होतेरा है क़दम सब की गर्दन पे, शाहा !'अजब रुत्बा तेरा, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू रब का वली है, तू हैदर की शाँ हैतेरा रुत्बा आ'ला, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मेरे दिल की हसरत मिटा दीजिए नाज़रा रुख़ से पर्दा हटा दीजिए नामेरे दिल को राहत 'अता कीजिए नादिखा कर के जल्वा, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू रब का वली है, तू हैदर की शाँ हैतेरा रुत्बा आ'ला, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

सताया गया हूँ, रुलाया गया हूँज़माने के ज़ालिम से तंग आ गया हूँहूँ मजबूर मैं अब 'अता कीजे मुझ कोशह-ए-दीं का सदक़ा, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू रब का वली है, तू हैदर की शाँ हैतेरा रुत्बा आ'ला, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू ने'मत ख़ुदा की, तू जल्वा नबी कातेरी ज़ात बरतर, तू है सब से बेहतरतेरा रंग-ए-जौदत वफ़ा का समंदरतू दरिया सख़ा का, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू रब का वली है, तू हैदर की शाँ हैतेरा रुत्बा आ'ला, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

सदा दे रहा है ये रिज़वान अहमदकरम की नज़र हो ग़रीबों पे हर शबअदब से यही इल्तिजा है सभी काबना दो नसीबा, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू रब का वली है, तू हैदर की शाँ हैतेरा रुत्बा आ'ला, मेरे ग़ौस-ए-आ'ज़म !

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