नात लिरिक्स

Zahra Ka Dil Ali Ka Dulara Hussain Hai

ज़हरा का दिल अली का दुलारा हुसैन है

नात ख़्वान: संदली अहमदशायर: हाफ़िज़ुल्लाह क़ासमीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ज़हरा का दिल 'अली का दुलारा हुसैन हैप्यारे नबी की आँखों का तारा हुसैन है

हर जन्नती जवाँ की क़यादत है उस के हाथअल्लाह की नज़र में यूँ प्यारा हुसैन है

काँधे पे जो रसूल के होता रहा सवारक़िस्मत का एक शोख़ सितारा हुसैन है

मैदान-ए-कर्बला से है गूँजी यही सदाइस्लाम का सुतून-ओ-सहारा हुसैन है

सर को कटा के, मोमिनो ! साबित ये कर दियाईमान और यक़ीन का धारा हुसैन है

इस्लाम के लिए थी शहादत हुसैन कीसौग़ात-ए-नानाजान पे वारा हुसैन है

'उक़्बा का ताजवर ही नहीं है 'अली का ला'लदुनिया के हर जवाँ में भी न्यारा हुसैन है

जिस ने यज़ीदियों से सुल्ह-ए-कुल न की कभीबातिल के सर पे हक़ का शरारा हुसैन है

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