नात लिरिक्स

Ye Naaz Ye Andaz Hamare Nahin Hote

ये नाज़ ये अंदाज़ हमारे नहीं होते

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: ख़ालिद महमूद नक़्शबंदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ये नाज़ ये अंदाज़ हमारे नहीं होतेझोली में अगर टुकड़े तुम्हारे नहीं होते

जब तक कि मदीने से इशारे नहीं होतेरौशन कभी क़िस्मत के सितारे नहीं होते

दामान-ए-शफ़ा'अत में हमें कौन छुपातासरकार ! अगर आप हमारे नहीं होते

मिलती न अगर भीक, हुज़ूर ! आप के दर सेइस ठाट से मँगतों के गुज़ारे नहीं होते

बे-दाम ही बिक जाइए बाज़ार-ए-नबी मेंइस शान के सौदे में ख़सारे नहीं होते

ये निस्बत-ए-सरकार का ए'जाज़ है वर्नातूफ़ाँ से नुमूदार किनारे नहीं होते

हम जैसे निकम्मों को गले कौन लगातासरकार ! अगर आप हमारे नहीं होते

वो चाहें बुला लें जिसे ये उन का करम हैबे-इज़्न मदीने के नज़ारे नहीं होते

ख़ालिद ! ये तसद्दुक़ है फ़क़त ना'त का वर्नामहशर में तेरे वारे नियारे नहीं होते

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