नात लिरिक्स

Ye Na Poochho Kidhar Ja Raha Hun | Aaj Main Apne Ghar Ja Raha Hun

ये न पूछो किधर जा रहा हूँ | आज मैं अपने घर जा रहा हूँ

नात ख़्वान: अज़मत रज़ा भागलपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ये न पूछो किधर जा रहा हूँआज मैं अपने घर जा रहा हूँ

दोस्तो ! अब न आँसू बहानाक़ब्र ही तो है असली ठिकानाये न समझो कि मर जा रहा हूँआज मैं अपने घर जा रहा हूँ

सामने रू-ए-सरकार होगाक़ब्र में उन का दीदार होगाबस यही सोच कर जा रहा हूँआज मैं अपने घर जा रहा हूँ

पास मेरे नहीं सोना-चाँदीहाथ मेरे हैं दोनों ही ख़ालीछोड़ कर माल-ओ-ज़र जा रहा हूँआज मैं अपने घर जा रहा हूँ

दफ़्न कर के मुझे मत भुलानाक़ब्र पर तुम मेरी आना जानासुन लो, लख़्त-ए-जिगर ! जा रहा हूँआज मैं अपने घर जा रहा हूँ

सिर्फ़ दो गज़ का जोड़ा पहन करशान से चार काँधों के ऊपरदेख कर के सफ़र जा रहा हूँआज मैं अपने घर जा रहा हूँ

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