नात लिरिक्स

Jan-e-Alam Bemisal Jan-e-Janan Bemisal

जान-ए-आलम बे-मिसाल जान-ए-जानाँ बे-मिसाल

नात ख़्वान: अज़मत रज़ा भागलपुरीशायर: अज़मत रज़ा भागलपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जान-ए-'आलम बे-मिसाल, जान-ए-जानाँ बे-मिसाल'अर्श-ए-आ'ज़म का वो दूल्हा बे-मिसाल हैउन की बातें बे-मिसाल, उन का लहजा बे-मिसालमेरे आक़ा का सरापा बे-मिसाल है

जिस से ज़िया पाते हैं सितारे, जिस से चमकते हैं ये नज़ारेजिस का शैदाई संसार, तरसे करने को दीदारमेरे आक़ा का वो चेहरा बे-मिसाल है

शब्बीरी जज़्बात अलग है, इब्न-ए-'अली की बात अलग हैअपना लुटवा के घर-बार, मज़हब कर डाला गुलज़ारशाह-ए-तयबा का नवासा बे-मिसाल है

हुक्म हुआ जब ख़्वाजा पिया का, कूज़े में सागर है समायादुनिया होती है हैरान, रब से पाई है वो शानमेरे ख़्वाजा का कटोरा बे-मिसाल है

का'बे का मेहमान हुआ वो, पीरों में ज़ीशान हुआ वोजिस की सीरत बे-मिसाल, जिस का चेहरा बे-मिसालआ'ला हज़रत का नवासा बे-मिसाल है

भूकी रह कर भी मुस्काए, बच्चों को जी भर के खिलाएमाँ की, 'अज़मत ! आ'ला शान, इस का शाहिद है क़ुरआनसर पे वालिदा का साया बे-मिसाल है

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।